– विदुर ब्रांड बना बिजनौर में महिलाओं के स्वावलंबन का प्रतीक, प्रधानमंत्री ने भी सराहा
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
ग्रेटर नोएडा। कभी शौक के तौर पर शुरू किया गया काम आज कारोबार का रूप ले चुका है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंची महिला उद्यमियों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर पेश की। महिलाएं अब केवल उत्पाद तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी ब्रांडिंग, बिक्री और बाजार विस्तार की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। कई उद्यमी अपने कारोबार के जरिए दूसरी महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।
मेरठ के कंकरखेड़ा की हरप्रीत कौर अपनी फर्म सॉल फॉर अर्थ के माध्यम से पीतल की कलाकृतियां और ट्रॉफी लेकर ट्रेड शो में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बड़े मंच पर उत्पाद प्रदर्शित करने से उन्हें देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला है।
गाजियाबाद के बजरिया की अंजली ने चित्रकारी के शौक को कारोबार में बदला। जिला ग्रामोद्योग विकास से ऋण लेकर उन्होंने सादे कपड़ों पर चित्रकारी शुरू की। आज उनके सूट, दुपट्टे, जींस और ट्राउजर 10 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं। कारोबार बढ़ने के साथ वह सात अन्य महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं।
गाजियाबाद के वसुंधरा की प्रतिभा त्यागी हैंडमेड सूट, दुपट्टे, लहंगे और जूट के बैग लेकर ट्रेड शो में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि यह मंच नए ग्राहकों और बाजारों से जुड़ने का अवसर दे रहा है।
बुलंदशहर के नंगला गोविंदपुर की सितारा आजीविका स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। समूह से 13 महिलाएं जुड़ी हैं। वहीं सहारनपुर के नांगल क्षेत्र की सुधा सैनी चलोरी स्वयं सहायता समूह के हस्तशिल्प उत्पाद लेकर लगातार चौथी बार ट्रेड शो में पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि इस मंच से उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर व्यापक और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद मिली है।
महिला उद्यमियों की ये कहानियां बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह और बाजार से जुड़े अवसर महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ रोजगार सृजन का माध्यम भी बन रहे हैं। ट्रेड शो उनके लिए बिक्री के साथ नए खरीदारों और बाजारों से जुड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है।