– शंकराचार्य का फुटपाथ पर रहने का ऐलान
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का धरना लगातार जारी है। पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य उसी स्थान पर अनशन पर बैठे हैं, जहां पुलिस उन्हें छोड़कर गई थी। भीषण ठंड के बीच वे पूरी रात खुले में धरने पर बैठे रहे। शंकराचार्य पिछले 27 घंटे से अनशन पर हैं और उन्होंने अनाज का एक दाना तक ग्रहण नहीं किया है। उन्होंने पानी भी छोड़ दिया है।
सोमवार दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन उनके साथ किए गए व्यवहार के लिए आकर माफी नहीं मांगता, तब तक वे अपने आश्रम या शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फुटपाथ पर ही रहेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि इतिहास में जब भी शंकराचार्य स्नान के लिए गए हैं, पालकी में ही गए हैं और वर्षों से यही परंपरा चली आ रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल के साथ उन्हें लेने नहीं आता, तब तक वह गंगा स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह हर वर्ष माघ मेले में प्रयागराज आएंगे, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं ठहरेंगे और फुटपाथ पर ही अपनी व्यवस्था करेंगे।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया कि अनशन के दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। शंकराचार्य ने उसी स्थान पर अपनी पूजा और दंड तर्पण किया। इस बीच मौनी अमावस्या के दिन रथ यात्रा के दौरान हुए विवाद का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और समर्थकों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है।