वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। काशी में ब्रम्हलीन द्वयपीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की 101वीं वर्धंति अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आदेशानुसार आयोजित इस महामहोत्सव में सन्तों, भक्तों और काशीवासियों ने भक्ति भाव से भागीदारी की।
महोत्सव की शुरुआत वैदिक रीति से स्वस्तिवाचन और गणेश पूजन के साथ हुई। इसके बाद ब्रम्हलीन शंकराचार्य जी की चरण पादुका का पूजन मंत्रोच्चार के मध्य संपन्न हुआ। वैदिक आचार्यों के आचार्यत्व में रुद्राभिषेक, वेदपाठ, आरती और पुष्पांजलि अर्पित की गई। कृष्ण कुमार द्विवेदी ने यजमान की भूमिका निभाई।
शंकराचार्य जी के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि धर्म, राष्ट्र और समाज के हित में अतुलनीय योगदान देने वाले ब्रम्हलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी का स्मरण करते हुए देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालु इस दिन को श्रद्धापूर्वक मना रहे हैं।
श्रीविद्या मठ में आयोजित इस कार्यक्रम में दिनभर भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।