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एटीएस : अवैध धर्मान्तरण का देशव्यापी सिंडिकेट चलाने का आरोपी गिरफ्तार

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 22 सितम्बरl अवैध धर्मान्तरण का देशव्यापी सिंडिकेट चलाने व धर्मान्तरण हेतु विदेशों से हवाला के जरिये फंडिंग करने का आरोपी, यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार कर लय गया l यह शरियत के अनुसार व्यवस्था लागू करने हेतु जनसँख्या अनुपात बदलने के उद्द्येश्य से वृहद् स्तर पर धर्मान्तरण करवाता थाl इसने देश भर में कई मदरसों की फंडिंग कर धर्मान्तरण का अवैध नेटवर्क तैयार किया थाल
ज्ञात हो कि उ.प्र. एटीएस ने 20 जून, 2021 को अवैध धर्मान्तरण के गिरोह को संचालित करने वाले कुछ लोगो को गिरफ्तार किया थाl जिसके सम्बन्ध में मु.अ.सं –09/21, धारा-420/120(बी)/153(ए)/153(बी)/295/511 भा.द.वि. व 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2020 बनाम मुफ़्ती काजी, उमर गौतम,IDC (इस्मालिक दावा सेण्टर) संस्था व अन्य नाम पता अज्ञात, थाना-एटीएस, लखनऊ, उ.प्र. पर पंजीकृत किया गया था l उक्त अभियोग की विवेचना के दौरान महाराष्ट्र व गुजरात से भी गिरफ्तारियां की गयी, जिनमें सलाहुद्दीन जैनुद्दीन शेख पुत्र जैनुद्दीन निजामुद्दीन, उम्र 56 वर्ष, निवासी-306, कृष्णदीप टॉवर मिशन रोड, फतेहगंज, बड़ोदरा सिटी, गुजरात, रामेश्वर कावड़े उर्फ आदम उर्फ़ एडम पुत्र रामेश्वर कावड़े, उम्र 29निवासी-फ्लैट नं –202, राहुल कॉम्प्लेक्स, नियर-गणेश पेठ बस स्टैंड के पास, नागपुर, कौशर आलम पुत्र शौकत अली खान, उम्र 50निवासी-90 सिंधरी रोड, नीच कुल्ही लिहिया बाग के सामने, झरिया धनबाद झारखंड, भुप्रिय बन्दो उर्फ अर्सलान मुस्तफा पुत्र देवी दास मानकर, उम्र 29मूल निवासी- गाँव-चौमाशी, जिला-गढ़ चिरौलीहाल पता- कमरा नं-103,डीलक्स कैंटीन, हंशापुरी नागपुर, महाराष्ट्र प्रमुख अभियुक्त थे l
उमर गौतम व इसके साथियों को ब्रिटेन आधारित संस्था अल-फला ट्रस्ट से लगभग 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गयी थी, जिसके खर्च का ब्यौरा उपरोक्त अभियुक्तगण नही दे सके थे l इस सम्बन्ध में साक्ष्यों के आधार पर विभिन्न तिथियों में आरोप-पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किए जा चुके है l
विवेचना के दौरान प्राप्त आसूचना की जांच के दौरान ऐसे तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दीकी पुत्र स्व. हाजी अमीन, निवासी- फुलत, मुजफ्फर नगर, जो अधिकांशतः दिल्ली में निवास करता है, अवैध धर्मान्तरण के कार्य में लिप्त हैं और विभिन प्रकार की शैक्षणिक, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मान्तरण का कार्य देशव्यापी स्तर पर किया जा रहा है, जिसके लिए विदेशों से भारी मात्रा में फंडिंग की जा रही है, और इस अवैध धन का प्रयोग कर वृहद् स्तर पर तेजी से धर्मान्तरण कराया , जा रहा है, जो सुनियोजित तरीके से संगठनात्मक रूप से किया जा रहा है, जिसमे देश के कई नामी लोग व संस्थाएं शामिल हैं l यह भी तथ्य प्रामाणित हुए है कि यह भारत का सबसे बड़ा धर्मान्तरण सिंडिकेट संचालित करता है और गैर मुस्लिमों को गुमराह कर, भयाक्रांत कर उन्हें धर्मान्तरित करता है और फिर उन्हें भी दावा के कार्य के लिए तैयार करता है l
एटीएस उ.प्र. ने इलेक्ट्रोनिक व ग्राउंड सर्विलांस के साथ साथ सुदृढ़ सूचना तंत्र सक्रिय कर आसूचना को पुष्ट किया तो यह तथ्य प्रकाश में आए कि मौलाना कलीम सिद्दीकी पुत्र स्व. अमीन सिद्दकी निवासी- फुलत, मुज़फ्फर नगर, नाम का व्यक्ति जो जामिया इमाम वलीउल्ला नामक एक ट्रस्ट भी संचालित करता है, देश भर में सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रम की आड़ में भिन्न भिन्न प्रकार के लालच देकर अवैध धर्मान्तरण का सिंडिकेट संचालित कर रहा है l यह भी तथ्य प्रकाश में आएं कि कलीम सिद्दकी अपना ट्रस्ट संचालित करने के अलावा तमाम मदरसों की फंडिंग भी करता है जिसके लिए मौलाना कलीम को विदेशों से भारी धनराशि हवाला व अन्य अवैध माध्यमो से भेजी जाती है l मौलाना इन मदरसों की आड़ में पैगामे इंसानियत के सन्देश देने के बहाने लोगो को जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच व भय दिखाकर इस्लाम स्वीकारने के लिए प्रेरित करता है और बाद में इन लोगो को प्रशिक्षित कर अन्य लोगो का धर्मान्तरण कराने हेतु प्रेरित करता है l
धर्मांतरण हेतु मौलाना कलीम का खुद का लिखा हुआ साहित्य जो प्रिंट और ऑनलाइन दोनों रूप में उपलब्ध है, का प्रयोग किया जाता है l यह साहित्य दावा/Dawa’h (धर्मांतरण हेतु आमंत्रण) हेतु निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है l मौलाना कलीम लोगो के बीच में इस विश्वास को जागृत कर रहा था कि शरियत के अनुसार बनी व्यवस्था ही सबको न्याय दे सकती है और इस बात को समझाने के लिए मौलाना कलीम तीन तलाक जैसे मुद्दों को शरियत के अनुसार ही निपटाने की बात पर बल देता था lजिन संगठनों ने उमर गौतम से सम्बंधित ट्रस्ट “अल-हसन एजुकेशनल एंड वेलफेयर फाउंडेशन को फंडिंग की थी उन्ही स्रोतों से मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट जामिया ईमाम वलीउल्लाह ट्रस्ट को भी अनियमित रूप से भारी मात्र में फंडिंग की गयी है अभी तक की जांच में मौलाना के ट्रस्ट के खाते में 1.5 करोड़ रूपये एक मुश्त बहरीन देश से आए और लगभग 3 करोड़ रूपये की कुल फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं l यह भी तथ्य प्रमाणित हुए हैं कि उमर गौतम के पास से प्राप्त दस्तावेजों में जिन धर्मान्तरित व्यक्तियों का ब्यौरा है, उनका निकट सम्बन्ध कलीम सिद्दीकी से भी है l
इस क्रम में दिनांक 21.09.21 की रात्रि करीब 9 बजे मौलाना कलीम सिद्दीकी पुत्र स्व. हाजी अमीन, निवासी- फुलत, मुजफ्फर नगर को जनपद-मेरठ से एटीएस उ.प्र. द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया जिसे ATS मुख्यालय लाया गया है l गिरफ्तार अभियुक्त मौलाना कलीम सिद्दीकी से पूछताछ के उपरांत मेडिकल कराकर माननीय न्यायलय के समक्ष प्रस्तुत किया l एटीएस ने गहन विवेचना को दृष्टिगत रखते हुए माननीय न्यायालय से मौलाना कलीम के पुलिस कस्टडी रिमांड हेतु अनुरोध किया है जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है l प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए यूपी एटीएस की 06 टीमों का गठन कर साक्ष्य संकलन की प्रभावी कार्यवाही की जा रही है l
विवरण अभियुक्त कलीम सिद्दीकी:-
मौलाना कलीम मुजफ्फर नगर के फुलत का रहने वाला है और इसकी प्राथमिक शिक्षा फुलत के एक मदरसे में हुई इसके बाद पिकेट इंटर कॉलेज, खतौली से विज्ञान में इंटरमीडिएट पूरा किया। मौलाना कलीम ने मेरठ कॉलेज से बीएससी कियाव पीएमटी प्रवेश परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी।इस्लामी साहित्यकारों से प्रभावित होने और इस्लामी लोगों के साथ अच्छे संबंध होने के कारण कलीम ने एमबीबीएस करने के बजाय प्रसिद्ध इस्लामी संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ में दाखिला लिया l

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