वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को असम के कछार जिला स्थित नाथनपुर गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम–II (VVP–II) की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस योजना का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को गति देना और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध सीमा समुदायों के निर्माण पर केंद्रित है। योजना के तहत आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, आवश्यक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार के स्थायी अवसर विकसित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी जानकारी के अनुसार यह योजना स्थानीय निवासियों को सीमा सुरक्षा के प्रति अधिक सजग बनाने में भी सहायक होगी। इससे सीमापार अपराधों की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में सहयोग मिलने की संभावना है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग सुरक्षा तंत्र के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम–II करीब 6,839 करोड़ रुपये की लागत वाली केंद्रीय योजना है, जिसे सैचुरेशन आधारित और कन्वर्जेंस ड्रिवन दृष्टिकोण के तहत लागू किया जाएगा। यह योजना 15 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय समुदायों का राष्ट्रीय विकास में योगदान और अधिक मजबूत होगा। इससे सीमांत क्षेत्रों में स्थायी विकास और सामाजिक सुरक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।