वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना के प्रति अभिभावकों का विश्वास तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2026–27 के प्रथम चरण में 2,61,501 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,32,446 आवेदन आए थे। इस प्रकार आवेदनों में लगभग 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता, सरल प्रक्रिया और व्यापक जागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए गए प्रचार अभियान, अभिभावक संवाद कार्यक्रम और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे कदमों से योजना की पहुंच तेजी से बढ़ी है। ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में भी अभिभावक अब आसानी से आवेदन कर पा रहे हैं।
आरटीई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है। इससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिला है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक माहौल बना है। बढ़ते आवेदन इस बात का संकेत हैं कि अभिभावक अब बच्चों की शिक्षा को लेकर पहले से अधिक सजग और जागरूक हुए हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह वृद्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का संकेत है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को योजना का लाभ मिले और प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और न्यायसंगत बनी रहे, जिससे हर बच्चे को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके।