वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में बुधवार को उत्तर प्रदेश विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि (विधायक निधि) दिशा निर्देश समिति की बैठक विधान परिषद के कक्ष संख्या-77 में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य विधायक निधि से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, प्रक्रियाओं का सरलीकरण तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करना रहा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निधि का सही और पारदर्शी उपयोग अत्यंत आवश्यक है, इसलिए इसका इस्तेमाल निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने समिति को प्राप्त प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार सदन के प्रति जवाबदेह है और इस निधि के माध्यम से होने वाले जनोपयोगी कार्यों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। निधि की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
बैठक में कहा गया कि समिति समय-समय पर विधायक निधि योजना के प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक सुझाव और संशोधन देगी, जिससे धनराशि का उपयोग समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जनहितकारी कार्यों में हो सके। इससे प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने और संतुलित विकास के लक्ष्य को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। बैठक में विधान परिषद के सदस्य तथा ग्राम्य विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।