वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। शारदीय नवरात्र के बीच सूर्य देव राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में तुला सूर्य की नीच राशि मानी जाती है। सूर्य का यह गोचर 16 नवंबर तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। कुछ राशियों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है, जबकि कुछ को आर्थिक और मानसिक मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मिथुन राशि वालों के लिए इस दौरान भविष्य की योजनाओं में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से मन परेशान हो सकता है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, वरना बजट प्रभावित हो सकता है।
कन्या राशि के जातकों को मनचाही सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है। सरकारी कामों में अड़चन और प्रेम संबंधों में मतभेद की आशंका के चलते संयम रखना उचित होगा।
तुला राशि में ही सूर्य का प्रवेश होने से नौकरीपेशा और व्यापारियों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। बनते काम अटकने और आत्मविश्वास प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। बड़े फैसले लेने में जल्दबाजी से बचने और खर्च सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है।
धनु राशि के जातकों को कामकाज में अचानक रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी से संबंधित बाधाएं मानसिक तनाव बढ़ा सकती हैं। इस अवधि में धन के लेनदेन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
कुंभ राशि वालों को विलासिता और दिखावे पर अनावश्यक खर्च से बचना चाहिए। बचत और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। संपत्ति या कानूनी मामलों में भागदौड़ बढ़ सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विरोधियों से सतर्क रहते हुए धैर्य बनाए रखना लाभकारी रहेगा।