वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी चौधरी सुनील सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बयान जारी करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद किसी राजनीतिक दल या सरकार के हित में काम करने के लिए नहीं, बल्कि संविधान और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
सुनील सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को न प्रधानमंत्री बनना है और न मुख्यमंत्री। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त को किसी प्रकार का दबाव है तो उन्हें प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के संबंध में गवाही देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठना गंभीर विषय है।
लोकदल अध्यक्ष ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर सामने आ रहे सवालों और शिकायतों का जवाब संवैधानिक नियमों तथा संबंधित दस्तावेजों के आधार पर दिया जाना चाहिए। जनता को यह जानने का अधिकार है कि चुनाव से जुड़ी शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई और निर्धारित नियमों का पालन किस प्रकार हुआ।
उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच सवाल पैदा हुए हैं तो मुख्य चुनाव आयुक्त को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सुनील सिंह ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में किसी स्तर पर गलती हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सुनील सिंह के मुताबिक संवैधानिक पद की गरिमा और मतदाताओं के विश्वास की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।