वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की।
कांग्रेस के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच मार्च में हिस्सा लिया। माल एवेन्यू के आगे सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों से ईको गार्डन पहुंचाया, जहां देर शाम उन्हें रिहा कर दिया गया।
राजेंद्र पाल गौतम ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता प्रभावित करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी मिली है और कांग्रेस इसी को लेकर सवाल उठा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी लंबे समय से मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं, फर्जी मतदाताओं के नाम जुड़ने और वैध मतदाताओं के नाम काटे जाने जैसे मुद्दे उठाती रही है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में उठाए गए चुनावी प्रक्रिया संबंधी सवालों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी का आंदोलन चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों पर जारी रहेगा। प्रदर्शन में सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।