वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। सीएसआईआर के 85वें स्थापना दिवस के अवसर पर CSI -राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI), लखनऊ ने अपनी प्रयोगशालाओं, अनुसंधान सुविधाओं और परिसर को विद्यार्थियों एवं आमजन के लिए खोला। लखनऊ और आसपास के जिलों के 20 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 800 से अधिक विद्यार्थी, शोधार्थी और नागरिक संस्थान पहुंचे। उद्देश्य लोगों को पादप विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।
आगंतुकों ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, वनस्पति उद्यान, पादपलय (हर्बेरियम), अभिदर्शन (म्यूजियम) सहित विभिन्न अनुसंधान एवं शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को NBRI के इतिहास, प्रमुख अनुसंधान गतिविधियों, वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा समाजोपयोगी तकनीकों और उत्पादों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को पादप विविधता, जैव संसाधनों के संरक्षण, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, पुष्प विज्ञान और आधुनिक पादप विज्ञान में चल रहे शोध से भी अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने वैज्ञानिकों से प्रयोगशालाओं में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीकों, अनुसंधान कार्य और विज्ञान के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं को लेकर सवाल किए। वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अनुसंधान के प्रति प्रोत्साहित किया।
NBRI निदेशक डॉ. जाबिर अहमद ने कहा कि संस्थान को विद्यार्थियों और आमजन के लिए खोलना युवा पीढ़ी को वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर देते हैं कि अनुसंधान और नवाचार सामाजिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने बताया कि CSIR-NBRI में 30 सितंबर को 85वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा। इसमें भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण, कोलकाता के निदेशक डॉ. कनद दास मुख्य अतिथि होंगे। समारोह में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों और पिछले एक वर्ष में सेवानिवृत्त हुए कर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा।