वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का 57वां अवतरण दिवस शुक्रवार को काशी में संतों और भक्तों की मौजूदगी में हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया जाएगा। काशी के साथ ज्योर्तिमठ, छत्तीसगढ़ समेत देश-विदेश में भक्तों की ओर से विविध धार्मिक आयोजन और अनुष्ठान किए जाएंगे।
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि श्रावण शुक्ल द्वितीया, 14 अगस्त को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में सुबह आठ बजे वैदिक आचार्यों की ओर से शंकराचार्य जी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद चरणपादुका पूजन, चित्र पर माल्यार्पण और वेदपाठ होगा। सुबह 11:45 बजे से दंडी संन्यासियों का महाभंडारा शुरू होगा। इसके बाद भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे। दिनभर भजन, कीर्तन और सोहर के आयोजन चलते रहेंगे।
उन्होंने बताया कि शंकराचार्य जी इस समय छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सपूाद लक्ष्मेश्वर धाम सलधा में चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान कर रहे हैं। यहां उनके सानिध्य में सवा लाख शिवलिंग वाले विश्व के सबसे बड़े शिव मंदिर के निर्माण की योजना पर कार्य चल रहा है। चातुर्मास्य के दौरान प्रतिदिन विविध आध्यात्मिक आयोजन हो रहे हैं। अवतरण दिवस पर सलधा में भी देश-विदेश से पहुंचे भक्त बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।