वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर विधान परिषद चुनाव की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपा है। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर दिए ज्ञापन में निर्वाचन आयोग से मुख्यमंत्री को नोटिस जारी करने और उनके कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने की मांग की है।
सपा का कहना है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर को विधान परिषद की छह शिक्षक और पांच स्नातक सीटों के चुनाव की घोषणा की। इसके साथ ही कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के 72 जिलों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। पार्टी के अनुसार, चुनाव घोषणा के दिन ही लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री ने 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता और 2372 सहायक अध्यापकों समेत कुल 3567 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। सपा ने इसे शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को प्रभावित करने वाला कदम बताया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 23 सितंबर को मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी का उद्घाटन किया और 24 सितंबर को एक कार्यक्रम में 10 लाख लोगों को घर देने की घोषणा की। सपा ने इन दोनों घटनाओं को भी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के दौरा कार्यक्रमों और सार्वजनिक कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराने तथा उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करने की मांग की है। सपा ने कहा कि आयोग को निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में केके श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे।