वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार और बैंक कर्मचारी यूनियनों के बीच टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है। वित्त मंत्रालय के एक सूत्र ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने बैंकों में हर शनिवार अवकाश और पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने का कोई वादा नहीं किया था। मंत्रालय की यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब बैंक कर्मचारी अपनी मांग के समर्थन में 28 सितंबर से तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं।
दरअसल, बैंक यूनियनों का दावा है कि मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच सप्ताह में पांच दिन काम और शनिवार-रविवार अवकाश को लेकर सहमति बनी थी। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के महासचिव रूपम रॉय भी इस संबंध में सहमति बनने का दावा कर चुके हैं।
वहीं, वित्त मंत्रालय के सूत्र ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की ओर से पांच दिन के कार्य सप्ताह का कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। सूत्र के मुताबिक, यह मुद्दा बातचीत का हिस्सा नहीं था और इस संबंध में कोई समझौता भी नहीं हुआ। मंत्रालय का कहना है कि पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से एकतरफा रखी गई थी।
शनिवार की छुट्टी को लेकर सरकार और यूनियनों के अलग-अलग दावों के बीच अब प्रस्तावित हड़ताल पर सबकी नजर है। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिन का कार्य सप्ताह कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांग है, जबकि सरकार की ओर से इस पर सहमति से इनकार किया गया है।