वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन लेखन, मेडिकेशन रिकॉन्सिलिएशन और अग्नि सुरक्षा जागरूकता विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के प्रशासनिक ब्लॉक स्थित कॉन्फ्रेंस हाल में 26 सितंबर को हुए कार्यक्रम का आयोजन क्वालिटी सेल और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की ओर से किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) सीएम सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य रोगी सुरक्षा, उपचार की गुणवत्ता और रेजिडेंट डॉक्टरों के व्यावसायिक कौशल को बेहतर करना रहा। कार्यक्रम में डीन प्रो. (डॉ.) राजन भटनागर, एसोसिएट डीन प्रो. (डॉ.) नवबीर पसरीचा, सब-डीन प्रो. (डॉ.) आलोक श्रीवास्तव और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार सिंह सहित फैकल्टी सदस्य और विषय विशेषज्ञ मौजूद रहे।
फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. (डॉ.) पूजा शुक्ला ने सुरक्षित और तर्कसंगत प्रिस्क्रिप्शन लेखन के प्रमुख पहलुओं पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने दवाओं के सही चयन, लेखन और उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। इसके बाद मेडिकेशन रिकॉन्सिलिएशन को लेकर इंटरैक्टिव सत्र हुआ, जिसमें रेजिडेंट डॉक्टरों ने विभिन्न परिस्थितियों से जुड़े सवाल पूछे। न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. (डॉ.) दिनकर कुलश्रेष्ठ और बाल रोग विभाग के प्रो. जूनियर (डॉ.) पीयूष उपाध्याय ने भी चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में सावधानी और रोगी सुरक्षा को लेकर सुझाव साझा किए। प्रशिक्षण में अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक उपायों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का समापन क्वालिटी सेल की प्रभारी एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) स्मिता चौहान के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। आयोजन में डॉ. नवनीत श्रीवास्तव, डॉ. प्रज्ञा श्री, डॉ. स्मिथ यादव और डॉ. संध्या ने सहयोग किया। संस्थान के अनुसार, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से चिकित्सकों में गुणवत्ता सुधार और रोगी सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।