वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सहित लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल से पहले बैंक कर्मियों ने सोमवार शाम स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया और रैली निकाली। कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
बैंक नेताओं एसके संगतानी और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष जारी रहेगा। संदीप सिंह और वीके माथुर ने आरोप लगाया कि बैंक प्रबंधन के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों पर एफआईआर तथा स्थानांतरण का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए विरोध जताया।
अशोक अग्रवाल और सचिन केशरवानी ने कर्मचारियों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित किए जा रहे कथित दुष्प्रचार से सतर्क रहने की अपील की। शकील अहमद, राकेश पांडेय और धनंजय सिंह ने दावा किया कि रिजर्व बैंक समेत कई विभागों के कर्मचारी संगठन उनके आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि एसबीआई और पीएनबी समेत कुछ बैंकों के प्रबंधन ने 27 सितंबर रविवार को बैंक खोलने के संबंध में परिपत्र जारी किया है। कर्मचारियों ने इसे द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के विपरीत बताते हुए आदेश का विरोध किया। प्रदर्शन में स्वाति सिंह, भारती शर्मा, आनंद सिंह, अभिषेक, गौरव और विंध्य विक्रम समेत कई कर्मचारी शामिल रहे।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि फोरम की ओर से 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी एलान किया गया है।