वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का अगला ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वय से राज्य में टेक्नोलॉजी, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम तेजी से तैयार हो रहा है।
‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र में उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश और दुनिया में निवेश की चर्चा में उत्तर प्रदेश का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य राज्य को टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब बनाना है।
जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रयास नोएडा तक निवेश सीमित रखने के बजाय प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के अवसर बढ़ाने का है। सैमसंग और योटा जैसे निवेश, डाटा सेंटर, एआई लैब और अन्य तकनीकी बुनियादी ढांचे इस दिशा में तैयार हो रहे इकोसिस्टम को दर्शाते हैं। उन्होंने डिजाइन से लेकर सेमीकंडक्टर कंपोनेंट, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत केवल असेंबली तक सीमित नहीं रहेगा और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने उद्योगों से सरकारी प्रोत्साहन का लाभ उठाने के साथ अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। एआई के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई की उत्पादकता, दक्षता और लागत प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जा सकती है। युवाओं को एआई इनोवेटर और रिसर्चर के रूप में तैयार करने तथा आईआईटी कानपुर समेत शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया।
प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने बताया कि नोएडा के साथ लखनऊ और कानपुर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई जीसीसी और आईटी नीतियों के माध्यम से निवेश आकर्षित करने के प्रयास जारी हैं।