– ग्राम प्रहरियों का मानदेय 1000 रुपये बढ़ा, अब हर साल पांच लाख तक कैशलेस इलाज भी
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 1000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा की। अब उन्हें 2500 के बजाय 3500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इसके साथ ही ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम प्रहरी ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनकी सजगता और समय पर दी गई सूचना किसी बड़ी घटना को टाल सकती है। गांव में उनकी भूमिका सीसीटीवी कैमरे की तरह है। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल थानाध्यक्ष या संबंधित पुलिस अधिकारी को सूचना देनी चाहिए। स्वयं कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को जानकारी देना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम प्रहरियों और पुलिस के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाए। थानाध्यक्ष या क्षेत्रीय दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक कर सूचनाएं जुटाएं। खाली पदों पर भी नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएं। ग्राम प्रहरियों को अफवाहों, वन्यजीवों से संभावित खतरे और भू-माफिया की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में त्योहारों के दौरान अशांति की आशंका बनी रहती थी, जबकि अब लोग सुरक्षित वातावरण में उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था से प्रदेश की छवि बदली है और निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मानदेय वृद्धि को ग्राम प्रहरियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्ण मौजूद रहे।