॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम् ॥
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
वाराणसी। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस अवसर पर मां विशालाक्षी के निमित्त शृंगार सामग्री भगवान श्री विश्वेश्वर को अर्पित कराई गई। इसके बाद यह सामग्री मां विशालाक्षी को समर्पित की गई। धाम में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ नवदुर्गा सप्तशती का पाठ भी संपन्न हुआ।
नवरात्र के दौरान काशी में देवी आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व है। इसी क्रम में श्री काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में विधि-विधान और परंपराओं का पालन किया गया। मां विशालाक्षी के लिए शृंगार सामग्री अर्पित करने की परंपरा के माध्यम से देवी के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया गया। नवदुर्गा सप्तशती का पाठ देवी दुर्गा की उपासना का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। नवरात्र के दिनों में श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और लोककल्याण की कामना के साथ देवी की आराधना करते हैं। काशी विश्वनाथ धाम में संपन्न अनुष्ठानों ने नवरात्र के आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया।
धार्मिक आयोजन के दौरान बाबा विश्वनाथ और मां भगवती के प्रति श्रद्धा का भाव प्रमुख रहा। नवरात्र के अवसर पर काशी में मंदिरों में पूजा-अर्चना और देवी उपासना का विशेष माहौल बना हुआ है। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ काशी की धार्मिक परंपरा और आस्था का संदेश भक्तों तक पहुंचा।