– हाईकमान ने ममता चौधरी को दिल्ली बुलाया, प्रदेश संगठन से भी मांगा जवाब
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लखनऊ स्थित मुख्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस नेता ममता चौधरी के बीच हुआ विवाद अब पार्टी हाईकमान तक पहुंच गया है। प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। ममता चौधरी को स्पष्टीकरण के लिए दिल्ली तलब किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब अजय राय अपने समर्थकों के साथ प्रदेश कार्यालय पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में हाथापाई और जूते-चप्पल चलने तक पहुंच गई। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पार्टी की आंतरिक कलह सार्वजनिक हो गई। अजय राय ने मामले की शिकायत वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद से की है। उन्होंने ममता चौधरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, ममता चौधरी ने अजय राय और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने घटना को दलित विरोधी बताते हुए अपने साथ अमर्यादित व्यवहार किए जाने का दावा किया है। दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
मामले की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की कमान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी को सौंपी गई है। प्रदेश संगठन से भी घटनाक्रम पर जवाब मांगा गया है। अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच पार्टी के भीतर इस विवाद ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेतृत्व के सामने दोनों पक्षों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने की चुनौती है।