वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर माघ मेला क्षेत्र में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम तट पर स्नान करने से इनकार कर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता पर अपने शिष्यों के साथ मारपीट और धक्कामुक्की का आरोप लगाया है। घटना के बाद शंकराचार्य ने अपनी पालकी को बीच रास्ते से ही अखाड़े की ओर वापस मोड़ दिया, जिससे साधु-संतों और श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया।
बताया गया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जब अखाड़े से संगम नोज की ओर स्नान के लिए प्रस्थान कर रहे थे, उसी दौरान उनके शिष्यों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि इस दौरान गृह सचिव मोहित गुप्ता और पुलिसकर्मियों द्वारा शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। हालात बिगड़ते देख शंकराचार्य ने मौनी अमावस्या का स्नान न करने का निर्णय लिया और काफिले को वापस अखाड़े ले जाने के निर्देश दिए। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और अधिकारियों द्वारा मारने तक का इशारा किया गया, ऐसे माहौल में स्नान करना संभव नहीं था। उन्होंने इस घटना को सनातन परंपराओं का अपमान बताया।
इधर, मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। संगम तट पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम से लेकर संगम नोज तक लगातार निगरानी की जा रही है और अनाउंसमेंट के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।