– मेजर ध्यानचंद और के.डी. सिंह बाबू की स्मृतियों को सहेजना हमारा दायित्व: मुख्यमंत्री
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। “यह मेरे लिए और प्रदेशवासियों के लिए आनंद का क्षण है जब हॉकी विश्वकप की ट्रॉफी लखनऊ आई है। उत्तर प्रदेश ने ऐसे अनेक खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने हॉकी इंडिया का नाम ऊँचा किया है। यह क्षण हमें प्रदेश के स्वर्णिम खेल इतिहास का स्मरण कराता है।” अवसर था तमिलनाडु में आगामी एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्वकप (28 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2025) से पहले ट्रॉफी देशभर के विभिन्न शहरों में प्रदर्शित की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को यह ट्रॉफी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुँची, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर इसका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “यह मेरे लिए और प्रदेशवासियों के लिए आनंद का क्षण है जब हॉकी विश्वकप की ट्रॉफी लखनऊ आई है। उत्तर प्रदेश ने ऐसे अनेक खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने हॉकी इंडिया का नाम ऊँचा किया है। यह क्षण हमें प्रदेश के स्वर्णिम खेल इतिहास का स्मरण कराता है।” उन्होंने कहा कि हॉकी में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्मरणीय है। “हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्म इसी पावन धरा पर हुआ था। उनकी स्मृतियों को अमर बनाए रखने के लिए हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य कर रही है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय हॉकी के एक और दिग्गज खिलाड़ी के.डी. सिंह ‘बाबू’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए बाराबंकी स्थित उनके पैतृक आवास को एक आधुनिक संग्रहालय (म्यूज़ियम) के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल खेल के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करेगा, बल्कि नई पीढ़ी को भी प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि जूनियर हॉकी विश्वकप में भारतीय टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।