वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
बुसान/लखनऊ। बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज़्म एक्सपो 2025 के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन का पवेलियन अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का केंद्र बना। कोरियाई भिक्षुओं, सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और ट्रैवल समूहों ने प्रदेश की समृद्ध बौद्ध विरासत में गहरी रुचि दिखाई। पर्यटन विभाग ने सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, संकिसा और श्रावस्ती जैसे पावन स्थलों के साथ भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और धम्म के संदेश को भव्य रूप में प्रस्तुत किया।
दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 7 से 10 अगस्त तक आयोजित इस एक्सपो में अयोध्या-कोरिया संबंध भी चर्चा का विषय रहे, जिसमें कोरियाई रानी ह्यो ह्वांग-ओक (राजकुमारी सुरिरत्ना) की कथा ने दोनों देशों के सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत किया। ‘बुद्धा राइस’ की प्रदर्शनी ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित करते हुए कृषि और आध्यात्मिक विरासत के संगम को उजागरकिया।
एक्सपो के दौरान कोरियाई बौद्ध धर्म के प्रमुख भिक्षु सुबुल सुनीम ने यूपी सरकार के बौद्ध स्थलों के संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए भारत आने का निमंत्रण स्वीकार किया। बैठक में अक्टूबर और नवंबर 2025 में कोरियाई पर्यटकों और श्रद्धालुओं के विशेष यात्रा कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह भागीदारी केवल पर्यटन स्थलों के प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था और संस्कृति के ऐसे पुल बनाने का प्रयास है जो पीढ़ियों तक कायम रहेंगे। प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश कुमार मेश्राम ने इसे भगवान बुद्ध के संदेश को दुनिया तक पहुंचाने और वैश्विक समुदाय को उत्तर प्रदेश की पवित्र धरती पर आमंत्रित करने का सुनहरा अवसर बताया।