वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी) अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने फर्रुखाबाद जिले के पौराणिक स्थल काम्पिल्य (कंपिल) को महाभारत सर्किट के अंतर्गत विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 4 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। रामायण और महाभारत काल से जुड़ा यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि काम्पिल्य को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
काम्पिल्य महाभारत काल में पांचाल राज्य की राजधानी था, जहां द्रौपदी का जन्म और स्वयंवर हुआ था। आज भी द्रौपदी कुंड यहां स्थित है, जिसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसके अतिरिक्त रामेश्वर नाथ मंदिर, गीता ज्ञान आश्रम तथा अन्य ऐतिहासिक स्थल इस नगर की पौराणिक गरिमा को बढ़ाते हैं। कहा जाता है कि रामेश्वर नाथ मंदिर में स्थापित शिवलिंग को श्रीराम ने लंका विजय के बाद लवणासुर वध के समय यहां स्थापित किया था।
काम्पिल्य जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी आस्था का केंद्र है। यहां स्थित प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की प्रतिमा विराजमान है, जिन्हें यहीं जन्मा माना जाता है।
पर्यटन विभाग काम्पिल्य में प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और विश्राम स्थलों जैसी सुविधाएं विकसित करेगा। यह पहल फर्रुखाबाद को धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान देगी। वर्ष 2024 में जहां 25.47 लाख पर्यटक जिले में आए थे, वहीं 2025 के अंत तक यह संख्या 40 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि त्रेता और द्वापर युगीन स्थलों का संरक्षण और विकास सरकार की प्राथमिकता है।