वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
गोरखपुर। जिले में राप्ती और सरयू नदियों के उफान से बाढ़ का संकट बना हुआ है। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह से शाम तक नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन यह खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के चलते जिले के 46 गांव पानी से घिर गए हैं।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य जारी है। गोला तहसील के 36, बांसगांव तहसील के पांच और सदर तहसील के पांच गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीणों की आवाजाही के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 69 नावें लगाई गई हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक रसोई के माध्यम से चार हजार लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जनप्रतिनिधियों के साथ गोला तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए चिकित्सकों की टीमें भी तैनात की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि नेपाल में यदि बारिश नहीं हुई तो आने वाले समय में राप्ती नदी का जलस्तर कम होने की संभावना है। हालांकि फिलहाल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, इसलिए प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
इधर, सरयू के जलस्तर में सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई। रोहिन नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से नीचे आ गया है। गोर्रा नदी का जलस्तर भी घटने लगा है और वह पहले से ही खतरे के निशान से नीचे है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, नावों और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।