वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की स्थानीय पाक विरासत को बाजार और वैश्विक कारोबार से जोड़ने की ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पहल को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में नया विस्तार मिला। आयोजन के दौरान ओडीओसी ने वॉलमार्ट वृद्धि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग और बिडला एयरकॉन के साथ समझौता ज्ञापन किए। वहीं सीएफटीआरआई और एफएसएसएआई भी पहल के साझेदार बने हैं। इन साझेदारियों से स्थानीय खाद्य उत्पादों को बाजार, आधुनिक पैकेजिंग, तकनीकी सहयोग और खाद्य सुरक्षा मानकों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
यूपीआईटीएस में ओडीओसी हॉल में प्रदेश के सभी 75 जिलों की विशिष्ट पाक पहचान को क्षेत्रीय विविधता के साथ प्रस्तुत किया गया। ‘ब्रज की मिठास’, ‘अवध का जायका’, ‘रुहेली रसधार’, ‘बुंदेली बहार’, ‘पश्चिमी परिमल’ और ‘पुरबिया स्वाद’ जैसे खंडों के जरिये प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक स्वाद को कारोबारियों और आगंतुकों के सामने रखा गया।
25 से 29 सितंबर तक ओडीओसी हॉल में 66.49 करोड़ रुपये से अधिक की बी2सी और बी2बी गतिविधियां दर्ज की गईं। इसमें 6.76 करोड़ रुपये की बी2सी और 59.73 करोड़ रुपये की बी2बी गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान 2,223 बी2बी पूछताछ दर्ज की गईं। 27 सितंबर को सर्वाधिक 25.69 करोड़ रुपये की बी2सी-बी2बी गतिविधियां दर्ज होने की जानकारी दी गई।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ साझेदारी से उत्पादों की पैकेजिंग को बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है। सीएफटीआरआई की तकनीकी सहभागिता और एफएसएसएआई की भागीदारी खाद्य गुणवत्ता व सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। वहीं वॉलमार्ट वृद्धि के साथ एमओयू स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार नेटवर्क से जोड़ने की संभावना बढ़ाता है। ओडीओसी के जरिए स्थानीय व्यंजनों को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित रखने के बजाय ब्रांडिंग, गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार संपर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यूपीआईटीएस में कारोबारी गतिविधियों और साझेदारियों से इस पहल को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर नई दृश्यता मिली है।
ओडीओसी उद्यमियों को मिले नए कारोबारी अवसर :
ओडीओसी पहल ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय उद्यमिता और छोटे कारोबारियों को बड़े बाजार से जोड़ने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराया है। यूपीआईटीएस-2026 के ओडीओसी लाइव पवेलियन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के ऐसे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला, जिनके उत्पाद पीढ़ियों से स्थानीय पहचान का हिस्सा रहे हैं। गोंडा कचौड़ी जंक्शन को शुरुआती तीन दिनों में करीब 40 हजार रुपये की बी2सी बिक्री और 150 से अधिक कारोबारी पूछताछ मिली, जबकि उन्नाव की सक्षम एंटरप्राइजेज ने करीब 90 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की। आजमगढ़ की लौंगलता, रामपुर के हब्शी हलवा और अयोध्या के मौर्य मिष्ठान भंडार जैसे पारंपरिक उत्पादों को भी बड़े पैमाने पर ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई प्रतिभागियों को बी2बी पूछताछ और संभावित कारोबारी अवसर भी प्राप्त हुए। इससे स्पष्ट है कि ओडीओसी के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय उत्पाद अपनी पारंपरिक पहचान को सहेजते हुए नए बाजारों, ग्राहकों और व्यापारिक संभावनाओं से जुड़ रहे हैं।