वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। राज्य संग्रहालय, लखनऊ की ओर से संचालित “खुशियों की पाठशाला” ग्रीष्मकालीन इंटरएक्टिव गतिविधियों की श्रृंखला के तहत रविवार को ब्लॉक प्रिंटिंग एक्टिविटी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, कलात्मक अभिरुचि और पारंपरिक भारतीय कला विधाओं के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा। इसमें 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 54 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर ब्लॉक प्रिंटिंग की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
गतिविधि के दौरान बच्चों ने रंगों और डिजाइनों का प्रयोग करते हुए आकर्षक प्रिंट तैयार किए। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग की बारीकियों को समझा और अपनी कल्पनाशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पूरे कार्यक्रम में बच्चों का उत्साह और सीखने की जिज्ञासा देखने लायक रही।
समापन अवसर पर राज्य संग्रहालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही, ये कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम का समन्वयन सहायक निदेशक (सज्जा कला) डॉ. मीनाक्षी खेमका ने किया। उनके निर्देशन में गतिविधि का सफल संचालन हुआ। संग्रहालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी बच्चों और युवाओं के लिए ऐसी शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि उनमें सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़े और उनकी प्रतिभा को बेहतर मंच मिल सके।