वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर यह घटना क्यों हुई। श्री यादव ने कहा कि अजीत पवार महाराष्ट्र के बड़े और लोकप्रिय नेता थे तथा कई बार उपमुख्यमंत्री रहे। आज के दौर में जब लोग जागरूक हैं और तकनीक को समझते हैं, तब इस तरह की घटना के कारणों पर से पर्दा उठना जरूरी है।
बुधवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर किसानों को झूठे सपने दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है और न ही उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य मिल पा रहा है। मंडियों का काम ठप है और दूध, धान सहित अन्य कृषि उत्पादों के उत्पादन को लेकर जो दावे किए गए थे, वे धरातल पर नजर नहीं आते। उन्होंने सवाल किया कि मंडियां क्यों नहीं बन रहीं और किसानों की आय आखिर क्यों नहीं बढ़ी।
रेलवे और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भले ही यह दावा किया जा रहा हो कि देश में सबसे ज्यादा रेलवे लाइनें बनाई गई हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मेट्रो परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया गया। जबकि समाजवादी सरकार के कार्यकाल में मेट्रो के लिए डीपीआर और एलाइनमेंट तैयार हो चुका था।
अखिलेश यादव ने सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खुद को सनातनी कहने वालों ने पूज्यनीय शंकराचार्य का अपमान किया और उनसे प्रमाण-पत्र तक मांगे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो दूसरों से प्रमाण-पत्र मांगते हैं, उन्हें खुद किसने योगी होने का प्रमाण-पत्र दिया है। उन्होंने महारानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी विरासत को संरक्षित करने के बजाय सरकार ने उनके द्वारा बनवाए गए प्राचीन घाट और मूर्तियों को तोड़ दिया, जो सनातन के नाम पर छल है।