वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम में विंध्याचल स्थित विंध्यवासिनी धाम से भगवान श्री काशी विश्वनाथ के लिए लस्सी की पावन भेंट प्राप्त हुई। वसंत ऋतु के समापन और फाल्गुन मास के आरंभ के साथ काशी में ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव बढ़ने लगा है। इसी क्रम में भगवान को शीतलता प्रदान करने की भावना से यह विशेष अर्पण भेजा गया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ऋतु परिवर्तन के समय भगवान को शीतल पेय और प्रसाद अर्पित करने की परंपरा रही है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए विंध्यवासिनी धाम से श्रद्धापूर्वक लस्सी भेजी गई, जिसे मंदिर प्रशासन ने पूरे विधि-विधान के साथ स्वीकार किया। मंदिर के डिप्टी कलेक्टर श्री शंभू शरण ने भेंट को सम्मानपूर्वक ग्रहण किया और स्वयं गर्भगृह में उपस्थित होकर बाबा को अर्पित कराया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तों के बीच विशेष उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने इसे काशी और विंध्याचल के मध्य आध्यात्मिक संबंधों की सजीव अभिव्यक्ति बताया। दोनों धामों के बीच आस्था और परंपरा का यह सेतु सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।
धाम प्रशासन ने कहा कि परंपराओं का संरक्षण और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि विभिन्न तीर्थस्थलों के बीच आध्यात्मिक एकता भी प्रगाढ़ होती है।