वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. बी. सिंह ने जनसाधारण से अपील की है कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में अनावश्यक देरी न करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण न कराने पर लोगों को अतिरिक्त प्रक्रियाओं और विलंब का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अंतर्गत जनपद के सभी नगर निगम जोन, नगर पंचायतें, सरकारी चिकित्सा संस्थान, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले जन्म और मृत्यु का पंजीकरण संबंधित संस्थान द्वारा 21 दिन के भीतर करना अनिवार्य है। इसी अवधि में प्रमाणपत्र भी जारी किया जाता है। डॉ. सिंह के अनुसार 21 से 30 दिन के बीच पंजीकरण कराने पर प्रमाणपत्र विलंब शुल्क के साथ जारी होता है, जबकि 31 दिन के बाद प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो जाती है। इस स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के पोर्टल पर सत्यापन के बाद ही संबंधित क्षेत्र से प्रमाणपत्र जारी किया जाता है, जिससे पूरा कार्य लंबा समय ले लेता है।
सीएमओ ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी असुविधा और देरी से बचने के लिए जन्म या मृत्यु की घटना होने के 21 दिन के भीतर ही आवश्यक पंजीकरण अवश्य करा लें।
सांकेतिक तस्वीर - 1