वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। गर्मियों में प्रदेश के किसी भी गांव में पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए। इस लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रत्येक इंजीनियर रोजाना कम से कम 10 ग्राम प्रधानों से संवाद स्थापित कर अपने क्षेत्र की जलापूर्ति की स्थिति की जानकारी लें। कहीं भी मोटर, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक या विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जमीनी हकीकत जानने के लिए नियमित निरीक्षण करें और केवल कागजी प्रगति पर निर्भर न रहें।
समीक्षा के दौरान सड़क रिस्टोरेशन के लंबित कार्यों पर भी मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें खोदी गई हैं, वहां मार्च माह के अंत तक हर हाल में मरम्मत कार्य पूरा कराया जाए। यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मंत्री ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराया जाए और मीडिया व आम जनता से संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन के कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के अनेक गांवों में पेयजल संकट लगभग समाप्त हो चुका है। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।