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राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी बहनों को अमृत कलश और भाइयों को ध्वज सौंप विश्व-संदेश यात्रा के लिए किया रवाना

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा हजरतगंज में आयोजित “विश्व एकता और विश्वास के लिए ध्यान (योग)” कार्यक्रम में राष्ट्र की संवैधानिक शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप दे दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि संस्था द्वारा विश्व शांति, मानवीय मूल्य, नारी शक्ति, आत्मिक जागृति, शिक्षा और ध्यान के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास प्रेरक और प्रशंसनीय हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि शांति भीतर जगाई जाए, विश्वास विचारों में उतरे और एकता कर्मों में प्रकट हो, तभी शांतिपूर्ण वैश्विक समाज की नींव सुदृढ़ हो सकेगी।
इससे पूर्व राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारी बहनों को अमृत कलश और भाइयों को ध्वज सौंपकर इस विश्व-संदेश यात्रा के लिए रवाना किया। राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व चुनौतियों के दौर में भारत का ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ मंत्र सर्वाधिक प्रासंगिक हो उठा है। सरकार योग, मूल्य आधारित शिक्षा, मिशन लाइफ, महिला सम्मान, सामाजिक समावेशन और जी-20 की “वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर” थीम के माध्यम से मानवीय मूल्यों को वैश्विक विमर्श का केंद्र बना रही है।
राज्यपाल ने ब्रह्माकुमारीज़ को मातृशक्ति नेतृत्व में संचालित विश्व की सबसे विशाल आध्यात्मिक संस्था बताते हुए इसकी राष्ट्र-निर्माण भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बंधन और मुक्ति का कारण मन है। उन्होंने संत रविदास और ऋषि परंपरा का उद्धरण देते हुए कहा कि अंतर्मुखी मन ही सामाजिक समरसता और विश्वकल्याण का आधार बन सकता है। इस आयोजन से उत्तर प्रदेश ने वैश्विक एकता-विश्वास की नई आध्यात्मिक गूंज दी है।

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