वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
वाराणसी। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विस्तार के तहत वाराणसी की दालमंडी क्षेत्र की 8 फीट चौड़ी गलियों को 23 फीट तक चौड़ा करने की योजना ने स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। इस कार्रवाई से हजारों लोगों के विस्थापन का खतरा मंडरा रहा है। मई 2025 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस क्षेत्र में तोड़फोड़ पर रोक लगाई थी, फिर भी प्रशासनिक सक्रियता से इलाके में तनाव है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा 25 वर्ष पुराने मामलों के आधार पर दुकानदारों, निवासियों और किरायेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार इसे शहर के विकास के लिए आवश्यक बता रही है, जबकि व्यापारी इसे अस्तित्व और रोज़गार पर संकट मान रहे हैं। मामले पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अवैध विस्थापन रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब लहुराबीर से गोदौलिया और मैदागिन से विश्वनाथ मंदिर तक 14 मीटर चौड़ी सड़कें प्रस्तावित हैं, तो केवल दालमंडी की सड़क 23 मीटर चौड़ी करना अनुचित है।
अजय राय ने कहा कि यदि विस्थापन आवश्यक हो, तो प्रभावितों को वर्ष 2013 के भू-अधिग्रहण अधिनियम के तहत बाजार भाव पर मुआवज़ा दिया जाए तथा विस्थापित व्यापारियों को वैकल्पिक दुकानों का आवंटन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर न्यायोचित समाधान की अपील की है।