— गूगल मैप के साथ रियल-टाइम स्पीड अलर्ट से सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई दिशा
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात अनुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने आज वर्चुअल माध्यम से कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की अभिनव तकनीकी पहल “Vision Safe Road: An Extra Mile for Accident Mitigation” का शुभारंभ किया।
पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर, लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में शुरू की गई इस पहल के तहत अब गूगल मैप नेविगेशन पर वाहन की वास्तविक गति और मार्ग की निर्धारित अधिकतम गति सीमा एक साथ दिखाई देगी। इससे चालक को यह तत्काल ज्ञात हो सकेगा कि वह निर्धारित सीमा के भीतर है या ओवरस्पीडिंग कर रहा है। यह चेतावनी चालक को स्वचालित रूप से गति नियंत्रित करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस तकनीकी परियोजना को साकार करने के लिए Google India और Lepton Software Export & Research Pvt. Ltd., गुरुग्राम के साथ सहयोग किया गया है। कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में डीजीपी राजीव कृष्णा ने कहा कि “गूगल मैप आज एक ‘वे ऑफ लाइफ’ बन चुका है। नोएडा पुलिस की यह पहल एक ‘लाइफ-सेविंग इंटरवेंशन’ है, जो भारत की डिजिटल क्रांति का प्रतीक है।” उन्होंने सुझाव दिया कि स्पीड लिमिट और “Accident-Prone Area Alert” के साथ ऑडियो अलर्ट भी जोड़े जाएं, ताकि चालकों को समय रहते चेतावनी मिल सके।
उन्होंने बताया कि राज्य में नेशनल हाइवे के तीन प्रमुख मार्गों पर चलाए गए अभियानों से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, जो दर्शाता है कि सही उपायों से हादसे रोके जा सकते हैं। पुलिस आयुक्त श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने कहा कि इस तकनीक से चालक न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि दूसरों की जान भी बचाएगा। Lepton Software के सीईओ राजीव सर्राफ ने इसे “डेटा-ड्रिवन ट्रैफिक मैनेजमेंट की दिशा में मील का पत्थर” बताया, वहीं Google India की रोली अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में गूगल उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ट्रैफिक विंग के साथ साझेदारी करेगा।