– प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य होगा — मुख्यमंत्री
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अंतर्गत आयोजित ‘एकता यात्रा’ और ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई, सरदार पटेल, भारत माता एवं बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की, कहा कि ‘एकता यात्रा’ स्वदेशी, स्वावलंबन और राष्ट्रीय एकता के प्रति सरदार पटेल के योगदान व संघर्ष को स्मरण करने का अवसर है। सरदार पटेल भारत माता के महान सपूत और अखंड भारत के शिल्पी हैं। उन्होंने कहा था “स्वतंत्रता का अर्थ केवल आजाद होना नहीं, बल्कि जिम्मेदारीपूर्वक राष्ट्र सेवा करना है।”
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 31 अक्टूबर को अब राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ने सरदार सरोवर डैम और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कर सरदार पटेल के विचारों को जीवंत किया। देशभर के लोगों से लोहा और मिट्टी दान लेकर एकता की इस विराट मूर्ति की स्थापना भारत की एकजुटता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर प्रदेश के सभी जिलों में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया गया है। अब जनजागरण के उद्देश्य से ‘एकता यात्राएं’ आयोजित की जा रही हैं, जिससे प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रभक्ति और एकता का भाव जागृत हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारत की सोई चेतना को जगाया और आज भी यह राष्ट्रीय एकता का प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जाति या मजहब राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकता। हम सभी धरती माता के पुत्र हैं, और यदि मां के सम्मान पर कोई आंच आए तो उसका संरक्षण हमारा नैतिक दायित्व है।
उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का नियमित एवं अनिवार्य गायन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि हर नागरिक के मन में राष्ट्रीयता, अनुशासन और एकता का भाव सुदृढ़ हो। इस अवसर पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, डॉ0 विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, इं0 श्रवण कुमार निषाद, श्रीराम चौहान, महेन्द्र पाल सिंह, ऋषि मोहन वर्मा, जीतेन्द्र वर्मा पल्लू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।