– राज्यपाल द्वारा भिक्षावृत्ति से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास और आजीविका से जोड़ने हेतु कार्यक्रम का शुभारम्भ।
– छोटी उम्र में सीखा गया कार्य तुरंत याद हो जाता है।
– देश में हर परिवार रोजगार से जुड़े तथा हर बच्चा शिक्षा से जुड़े: अवनीश अवस्थी
वेब वार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहाँ राजभवन में भिक्षावृत्ति से जुड़ी वंचित महिलाओं एवं लड़कियों को सशक्त बनाने हेतु कौशल सह आजीविका सृजन कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इन महिलाओं हेतु ब्यूटी एण्ड वेलनेस प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारम्भ किया गया। ‘उम्मीद‘ संस्था इस क्षेत्र में काफी समय से काफी बढ़िया कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज अच्छे काम की शुरुआत हो रही है। महिलाओं ने भिक्षावृत्ति की सोच छोड़ दी है बच्चों और परिवार को आगे बढ़ाने की सोच विकसित हुई है। सोच कमिटमेंट में बदलती है तो अच्छे परिणाम प्राप्त होता है। बच्चे को स्कूल भेजने और प्रेरित करने का काम माताएं करती हैं। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में सीखा गया कार्य तुरंत याद हो जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने भिक्षावृत्ति से जुड़े बच्चों और महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों को अद्वितीय बताया। उन्होंने ‘उम्मीद‘ संस्था द्वारा प्रारम्भ से इस दिशा में किए गए कार्यों से राज्यपाल के जुड़ाव और सहयोग की जानकारियां भी दी । उन्होंने कहा कि देश में हर परिवार रोजगार से जुड़े तथा हर बच्चा शिक्षा से जुड़े।
कार्यक्रम में भिक्षावृत्ति छोड़ ब्यूटी पार्लर हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करने जा रही महिलाओं व क्राइस्ट चर्च स्कूल द्वारा गोद लिए गए बच्चों ने अपनी आपबीती सुनाई। राज्यपाल ने बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के प्रशिक्षण में शामिल सहयोगी संस्थाओं सिडबी, क्राइस्ट चर्च स्कूल तथा लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों को सम्मानित कर उनका हौसला वर्धन किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, लघु उद्योग भारती के चेयरमैन अरुण भाटिया, उषा अवस्थी, उम्मीद संस्था के संस्थापक बलबीर सिंह मान, संस्था की संयुक्त सचिव श्रीमती आराधना सिंह, क्राइस्ट चर्च स्कूल के प्राचार्य राकेश क्षत्रिय, बच्चे व महिलाएं उपस्थित थे।