वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वाराणसी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा 28 से 30 सितम्बर तक आयोजित “एमएसएमई सेवा पर्व-2025: विरासत से विकास” का शुभारंभ वाराणसी में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने की, जबकि उद्घाटन केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने रुद्राक्ष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में किया। इस अवसर पर 1,500 से अधिक लाभार्थियों ने भाग लिया और स्थानीय कारीगरों व शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी-सह-बिक्री भी आयोजित की गई।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत में एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक मजबूत स्तंभ है। उन्होंने उद्यम पंजीकरण, पीएमईजीपी, सीजीटीएमएसई और एनएसएसएच जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि मंत्रालय प्रशिक्षण, टूलकिट और बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा प्रदान कर उद्यमियों को सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र न केवल आत्मनिर्भर भारत बल्कि विकसित भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य स्वदेशी और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने पीएम विश्वकर्मा, पीएमईजीपी और उद्यम पंजीकरण जैसी योजनाओं की प्रासंगिकता पर जोर दिया और बताया कि किस तरह उद्यमी विकसित भारत @2047 की परिकल्पना को साकार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के बीच विपणन सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। लाभार्थियों को ऋण प्रमाण पत्र, मार्जिन मनी सब्सिडी और टूलकिट भी वितरित किए गए। इस अवसर पर एमएसएमई मंत्रालय के सचिव एस.सी.एल. दास, संयुक्त सचिव विपुल गोयल, केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्वागत वाराणसी के संभागीय आयुक्त एस. राजलिंगम ने किया। सेवा पर्व के तहत नमो घाट पर स्वच्छता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें सामुदायिक सेवा और स्वच्छता का संदेश दिया गया।