Breaking News

सूखा और सैलाब के बीच झूलती दुनिया: WMO रिपोर्ट ने उजागर की पानी की गंभीर सच्चाई

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। पानी, जो जीवन का सबसे बुनियादी स्रोत है, अब पहले से कहीं ज़्यादा अनिश्चित हो गया है। कभी इतना कम कि धरती फटने लगे, तो कभी इतना ज़्यादा कि शहर डूब जाएं। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की नवीनतम “स्टेट ऑफ़ ग्लोबल वॉटर रिसोर्सेज 2024” रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया का जल चक्र अब चरम और असंतुलित हो चुका है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले वर्ष केवल एक-तिहाई नदी बेसिन सामान्य स्थिति में थे। बाक़ी या तो गंभीर सूखे से जूझ रहे थे या बाढ़ जैसी स्थिति में थे। यह लगातार छठा साल है जब जल संतुलन टूटा हुआ पाया गया। ग्लेशियरों का हाल सबसे चिंताजनक है। लगातार तीसरे साल दुनिया के हर हिस्से के ग्लेशियर पिघले। अनुमान है कि 2024 में लगभग 450 गीगाटन बर्फ़ पिघली, जिससे समुद्र का स्तर साल भर में 1.2 मिलीमीटर बढ़ गया। दुनिया भर में असर स्पष्ट दिखा। अमेज़न बेसिन और दक्षिणी अफ्रीका सूखे से जूझ रहे थे, जबकि मध्य और पूर्वी अफ्रीका, यूरोप, पाकिस्तान, उत्तरी भारत और चीन में बाढ़ के हालात बने। यूरोप ने 2013 के बाद की सबसे बड़ी बाढ़ झेली। एशिया-प्रशांत में चक्रवात और रेकॉर्ड बारिश ने हजारों लोगों की जान ली। ब्राज़ील के दक्षिणी हिस्से में बाढ़ से 183 लोगों की मौत हुई, जबकि उत्तर में अमेज़न के 59 प्रतिशत हिस्से को सूखे ने प्रभावित किया।
WMO प्रमुख सेलेस्टे साउलो ने कहा, “हम बिना मापे पानी को प्रबंधित नहीं कर सकते। डेटा शेयरिंग और मॉनिटरिंग में निवेश बढ़ाना होगा, नहीं तो हम अंधेरे में रह जाएंगे।” वर्तमान में लगभग 3.6 अरब लोग साल में कम से कम एक महीने पानी की किल्लत झेलते हैं। 2050 तक यह संख्या 5 अरब पार कर सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि झीलों और नदियों का तापमान बढ़ रहा है, जिससे पानी की गुणवत्ता और जलीय जीवन प्रभावित हो रहे हैं। इसका मतलब साफ है—धरती का जल चक्र अब चरम सूखा या चरम बाढ़ पैदा करता है। संकट का बड़ा कारण हमारी अधूरी जानकारी और डेटा की कमी है।
हालांकि WMO का कहना है कि अगर देश निगरानी और डेटा साझा करने में सहयोग करें, तो इस अनिश्चित जल भविष्य की बेहतर तैयारी की जा सकती है। सवाल सिर्फ यह है कि क्या दुनिया इस चेतावनी को गंभीरता से सुनेगी या फिर अगली बाढ़ और सूखे का इंतज़ार करेगी।

Check Also

तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण, 50 मिनट तक रहेगा दृश्य

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमारलखनऊ। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES