– पूर्व NSA बोले- ट्रम्प की नीति उल्टी पड़ रही
– भारत चीन-रूस के करीब जा रहा
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
वॉशिंगटन / नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीति को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। CNN को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत पर भारी शुल्क लगाना अमेरिका की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर सकता है। बोल्टन के अनुसार, भारत पर लगाए गए 50% तक के टैरिफ सिर्फ आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी हानिकारक साबित हो सकते हैं।
बोल्टन का कहना है कि अमेरिका ने भारत को रूस और चीन के प्रभाव से दूर रखने के लिए सालों तक रणनीतिक कोशिशें की थीं, लेकिन ट्रम्प की नीतियों ने अब भारत को उन्हीं देशों के करीब ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत, रूस और चीन जैसे देशों के साथ मिलकर इन टैरिफ का विरोध करता है, तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका होगा। उन्होंने यह भी कहा कि “दोस्त और दुश्मन दोनों पर समान टैरिफ लगाना” एक ऐसा कदम है, जिससे अमेरिका का दशकों में बना भरोसा और नेतृत्व कमजोर हुआ है। भारत जैसे देशों के लिए व्यापार और सुरक्षा अलग-अलग मुद्दे नहीं हैं, बल्कि ये एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। वहीं अमेरिका इन्हें अलग-अलग नजरिये से देखता है, जो दीर्घकालिक संबंधों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
इन सबके बीच डोनाल्ड ट्रम्प का दावा है कि टैरिफ की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी लाभ हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि शेयर बाजार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है और टैरिफ से हर दिन अरबों डॉलर की आमदनी हो रही है। ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोर्ट ने टैरिफ के खिलाफ कोई फैसला दिया, तो यह 1929 जैसी महामंदी का कारण बन सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों की राय में यह आर्थिक नीतियां अमेरिका की वैश्विक रणनीतिक स्थिति को कमजोर कर सकती हैं, खासकर तब जब भारत जैसे महत्वपूर्ण साझेदार का विश्वास दांव पर लग जाए।
टैरिफ का दुरुपयोग – चीन ने भारत पर लगे अमेरिकी टैरिफ की निंदा की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इसे “टैरिफ का दुरुपयोग” करार दिया। गुओ ने कहा- ‘चीन साफ तौर पर टैरिफ के गलत इस्तेमाल के खिलाफ है।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका को तकनीकी और व्यापारिक मुद्दों का राजनीतिकरण बंद करना चाहिए। चीन का यह बयान ट्रम्प के उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जवाब में आया, जिसमें भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया गया है।