Breaking News

13,600 करोड़ के घोटाले में नेहल मोदी की गिरफ्तारी, 17 जुलाई को प्रत्यर्पण पर सुनवाई

वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। नीरव मोदी और उसके भाई नेहल मोदी का नाम एक बार फिर चर्चा में है, खासकर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में उनकी कथित भूमिका को लेकर। 13,600 करोड़ रुपये के इस घोटाले में नीरव मोदी पर मुख्य आरोपी के रूप में आरोप लगाए गए थे, और अब उसके भाई नेहल को भी उस घोटाले में सहायक के रूप में आरोपित किया गया है। नेहल मोदी के खिलाफ आरोप हैं कि उसने अपने भाई की मदद की, विशेष रूप से धन को वैध बनाने के लिए और घोटाले में संलिप्त दस्तावेजों को नष्ट करने में। सबसे पहले, 2019 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था, और अब उसे अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीएनबी घोटाले मामले में भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई और ईडी के प्रत्यर्पण के अनुरोध के बाद उन पर शिकंजा कसा गया है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिकए भगोड़े आर्थिक अपराधी नीरव मोदी के भाई को 4 जुलाई को अमेरिकी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ;ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से संयुक्त रूप से किए गए प्रत्यर्पण अनुरोध की गई।
बताते चलें कि नेहल मोदी बेल्जियम का नागरिक है और उसे पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी के धोखाधड़ी करने के तरीके को छिपाने और सबूतों को नष्ट करने के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने दुबई और हांगकांग में स्थित डमी कंपनियों को चलाने में मदद की और उन कंपनियों के निदेशकों से जुड़े रिकॉर्ड और मोबाइल फोन नष्ट किए।
इसके अलावा, ईडी और सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने नीरव मोदी के लिए भारी मात्रा में सोना, नकदी और मोती चोरी किए, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया था। इस मामले में नेहल मोदी का अगला कोर्ट हियरिंग 17 जुलाई 2025 को होना है। अगर उसे जमानत मिलती है तो अमेरिकी अभियोजन पक्ष इसका विरोध करेगा। यह पूरा मामला न केवल भारतीय वित्तीय प्रणाली के लिए एक बड़ा झटका था, बल्कि यह भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
नेहल पर मोबाइल और रिकॉर्ड नष्ट करने के आरोप :
एक डमी निदेशक सहित दो गवाहों के बयानों पर भरोसा करते हुए ईडी बताया था कि पीएनबी में घोटाला सामने आने के बाद डमी निदेशक भारत लौटना चाहते थे। लेकिन उन्हें वहीं रहने के लिए राजी किया गया। नेहल ने दुबई जाकर मामले में अगुवाई की और डमी कंपनी प्रबंधकों/ निदेशकों के सभी मोबाइल नष्ट कर दिए। ईडी ने अदालत में नीरव के खिलाफ अपनी अभियोजन शिकायत में आरोप लगाया था कि नेहल व्यक्तिगत रूप से देख रहा था कि सभी खाते, रिकॉर्ड नष्ट कर दिए गए हैं। वह कर्मचारियों को प्रभावित कर रहा था और भारतीय एजेंसियों की ओर से घोटाले की जांच शुरू करने के बाद सबूतों को नष्ट कर रहा था।
50 किलो सोना, नकदी और 150 बक्से मोती चुराने के भी आरोप:
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि नेहल ने नीरव की दुबई स्थित कंपनी से करीब 50 किलो सोना, साथ ही हांगकांग से नकदी और 150 बक्से मोती चुराए हैं। ईडी ने दावा किया है कि नेहल दो कंपनियों का निदेशक है, जिन्हें नीरव की डमी कंपनियों से 335.95 करोड़ रुपये मिले थे। 2019 में इंटरपोल ने नीरव और उसकी बहन पूर्वी मोदी मेहता के खिलाफ भी रेड नोटिस जारी किया था। नीरव मोदी फिलहाल पीएनबी घोटाले के सिलसिले में प्रत्यर्पण के आरोपों का सामना करते हुए ब्रिटेन की जेल में है।

Check Also

मौलाना कल्बे जवाद नक़वी को मिला पहला इमाम ख़ुमैनी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार तेहरान/लखनऊ। मजलिसे उलमा ए हिन्द के महासचिव मौलाना कल्बे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES