Breaking News

भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में स्नातक इंजीनियरों के लिए क्रीमकॉलर के SDV स्किलिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ

– सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों (SDV) में कौशल अंतर पाटना उद्देश्य
वेब वार्ता (न्यूज एजेंसी)/ अजय कुमार
नई दिल्ली। क्रीमकॉलर ने आज प्रतिष्ठित भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहन उद्योग की प्रतिभा आवश्यकताओं के लिए अपने कॉलेबोरेटिव इकोसिस्टम ओरिएंटेड स्किलिंग प्लेटफॉर्म का अनावरण किया। इस उद्घाटन समारोह में ऑटोमोटिव स्किल डेवलपमेंट काउंसिल (ASDC) के सीईओ अरिंदम लाहिड़ी और वरिष्ठ सलाहकार रमन कुमार शर्मा मौजूद थे, जिन्होंने उन्नत एवं अगली पीढ़ी के ऑटोमोटिव अनुसंधान और विकास में कौशल अंतराल दूर करने में क्रीमकॉलर की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की। उपभोक्ताओं के अनुभव, सुरक्षा, संरक्षा और संधारणीयता से जुड़ी नई आवश्यकताएं पूरा करने के लिए ऑटोमोटिव मूल्य श्रृंखला में डेटा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को तेजी से अपनाया जा रहा है, लिहाजा मोटर वाहन उद्योग में प्रतिभा की मांग अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर है।
श्री लाहिड़ी ने क्रीम कॉलर द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए एक मजबूत कौशल-पारितंत्र को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं स्टार्टअप के बीच सहयोग की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से टियर प्प् और टियर प्प्प् संस्थानों के इंजीनियरों के कौशल को बढ़ाने हेतु क्रीमकॉलर की प्रतिबद्धता, भारत को कौशल प्राप्त प्रतिभा के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों के दौर में मोटर वाहन उद्योग से जुड़े परम्परागत ज्ञान और अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकियों के बीच अंतर को पाटकर क्रीमकॉलर वैश्विक मोटर वाहन उद्योग की जरूरतों के अनुरूप भविष्य की आवश्यकताओं के लिहाज से लोगों को सशक्त बनाता है।
इस अवसर पर बोलते हुए क्रीमकॉलर के सीईओ किरण कुमार ने कहा, हमारा प्लेटफॉर्म सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों के संगठनों के लिए इंजीनियरिंग स्नातकों को तैयार करने की दृष्टि से डिजाइन किया गया है, जिसे वैश्विक मोटर वाहन पारितंत्र हेतु भविष्य के लिए तैयार कार्यबल सुनिश्चित करने के लिए उद्योग और अकादमिक विशेषज्ञों की गहन समीक्षा के साथ सावधानी से बनाया गया है। उनकी ही भावनाएं दोहराते हुए सह-संस्थापक जानकीरामन वासुदेवन ने कहा, सॉफ्टवेयर- परिभाषित वाहनों की ओर शिफ्ट के कारण मौजूदा क्षमताओं के सावधानीपूर्वक मूल्यांकन की आवश्यकता है, साथ ही नए कौशल व प्रौद्योगिकी अवसंरचना में रणनीतिक निवेश की आवश्यकता है। क्रीमकॉलर में हमारा लक्ष्य एक टैलेंट पूल को प्रोत्साहन देना है जो भारत को सॉफ्टवेयर परिभाषित वाहनों के नवाचार में अग्रणी बना सके।
पैवेलियन में आने वाले दर्शकों ने क्रीमकॉलर के लर्निंग एक्सपीरियंस प्लेटफॉर्म (एलएक्सपी), कैपेबिलिटी कंसल्टिंग और डेटा उत्पादों के लाइव प्रदर्शन को देखा, जो कि एसडीवी परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किए गए थे। साभार: पीआईबी, लखनऊ।

Check Also

5 दिवसीय बैंकिंग की मांग पर बैंककर्मियों का आंदोलन तेज, 27 जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमारलखनऊ। बैंकों में पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू किए जाने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Updates COVID-19 CASES