वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देने के साथ आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण परिवार आवास के लाभ से वंचित न रहे। मंगलवार को वह लखनऊ के हयात रीजेंसी में ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की समस्या के समाधान को गति दी है। उत्तर प्रदेश में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 42 लाख से अधिक आवास आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं, मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब छह लाख आवास आवंटित किए गए हैं। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। कार्यशाला में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और निर्माण की गुणवत्ता सुधारने पर चर्चा हुई। ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक शक्तिकांत सिंह ने प्रस्तुतीकरण के जरिए योजना की प्रगति और निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल सोशल ऑडिट और क्लस्टर आधारित आवास मॉडल के महत्व पर प्रकाश डाला।
ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने नवाचार और राज्यों के बीच बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया। बस्ती, फतेहपुर और लखीमपुर खीरी के अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए। 27 और 28 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यशाला में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।