– ग्रेटर नोएडा में बनेगा देश का अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क, एक लाख रोजगार का लक्ष्य।
– 17,542 करोड़ से बनेंगे चार लिंक एक्सप्रेसवे, 760 लाख मानव दिवस रोजगार का अनुमान।
वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। योगी कैबिनेट ने प्रदेश में 17,542.06 करोड़ रुपये की लागत से चार नए लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन परियोजनाओं से फर्रुखाबाद, झांसी, जेवर और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इन परियोजनाओं को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) पद्धति से विकसित करेगा। निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद पांच वर्ष तक अनुरक्षण किया जाएगा। परियोजनाओं का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इनमें केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी नहीं होगी। सरकार का मानना है कि नए लिंक एक्सप्रेसवे बनने से प्रदेश के पश्चिमांचल, मध्यांचल और पूर्वांचल के बीच आवागमन सुगम होगा। साथ ही लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से संपर्क बेहतर होगा। चारों परियोजनाओं के निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 760 लाख मानव दिवस के रोजगार सृजन का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा में 69.52 एकड़ में प्रगति रोबोटिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। परियोजना के पूर्ण विस्तार पर एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सालाना 2,000 करोड़ रुपये के मूल्यवर्धन का अनुमान है। इससे पार्क में रोबोटिक्स कंपनियों, स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसे दो जोन में विकसित किया जाएगा। पहले आठ एकड़ के जोन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जबकि 61.52 एकड़ के दूसरे जोन में निजी उद्यम निवेश करेंगे। पार्क में रोबोटिक्स परीक्षण, प्रोटोटाइप निर्माण, एआई कंप्यूटिंग और डेटा प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्वदेशी तकनीक और विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना प्रदेश में तकनीकी नवाचार, निवेश और युवाओं के कौशल विकास को नई गति देगी।
उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी है। मिशन के जरिए पशुपालन को आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पशुधन और दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है। मिशन के तहत उन्नत नस्लों के विकास, उत्पादकता बढ़ाने और पशुधन उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साहीवाल, देसी और हरियाणवी नस्लों के सुधार के साथ गाय पालन के लिए अनुदान की व्यवस्था भी है। मंत्री ने बताया कि मिशन में पशुधन उद्यमिता, नस्ल विकास, डिजिटल तकनीक, चारा उत्पादन और अनुसंधान से जुड़े पांच उप-मिशन शामिल हैं। इनके माध्यम से स्टार्टअप, पोल्ट्री, बकरी और भेड़ पालन को प्रोत्साहन मिलेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल ट्रेसबिलिटी से उत्पादों की गुणवत्ता व बाजार पहुंच बेहतर बनाने का प्रयास होगा।यह राज्य वित्तपोषित योजना है। निर्धारित मानकों और स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित लाभार्थियों के खातों में सीधे अनुदान भेजा जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पशुपालकों की आय बढ़ेगी।
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 नए आवास बनेंगे। इससे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों को मिलेगी आवासीय सुविधा, 543.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रयागराज में 10.37 एकड़ भूमि पर टाइप-3 के 533 और टाइप-4 के 312 आवासों का निर्माण होगा।
सैनिक स्कूल मैनपुरी के विकास को रफ्तार मिलेगी, 9.524 हेक्टेयर भूमि निशुल्क देने की मंजूरी दी गयी । उच्चदाब बिजली लाइनों से प्रभावित सैनिक स्कूल को मिलेगी अतिरिक्त भूमि, नई सुविधाओं से कैडेटों को बेहतर माहौल मिलेगा। प्रयागराज में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के छात्रावास के लिए भी निशुल्क नजूल भूमि आवंटन को मंजूरी दी गयी।