वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की युवाशक्ति अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार से संभावनाओं को उपलब्धियों में बदल रही है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कार्यसंस्कृति बदली है और युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर मिले हैं। पारदर्शी भर्ती, कौशल विकास, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देकर युवाओं को रोजगार पाने के साथ रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि नवाचार की नई सोच, उद्यमिता का साहस और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित करने का संकल्प उत्तर प्रदेश के युवाओं की पहचान बन रहा है। इसी युवाशक्ति की उपलब्धियों और सृजनशीलता का सम्मान करने के लिए वह लखनऊ में आयोजित ‘टीओआई यूथ आइकॉन्स समिट एवं अवार्ड्स 2026’ में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को अवसरों की कमी के कारण पलायन करना पड़ता था। भर्तियों में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और अव्यवस्था के चलते युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पाते थे। प्रतिभा होने के बावजूद उन्हें आगे बढ़ने के लिए अपेक्षित प्रोत्साहन नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने इस कार्यसंस्कृति को बदलने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ कौशल विकास, स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहित किया गया।
योगी ने कहा कि आज प्रदेश के युवा केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। युवाओं की यह ऊर्जा ‘विकसित उत्तर प्रदेश-विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।