वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित इलाकों में सफाई, जलनिकासी और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य तेज किए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम ने जोन-3 और जोन-6 में सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार की है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सोमवार को जोन-3 स्थित जोनल कार्यालय में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को जलस्तर कम होने वाले क्षेत्रों में तत्काल सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और जोनल अधिकारी अजीत राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप लगाकर डीसिल्टिंग का काम तेज किया जाए। सड़कों, गलियों और नालियों में जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी को प्राथमिकता से हटाया जाए, ताकि प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
जीआईएस मैपिंग से तैयार हुई कार्ययोजना :
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कराकर उन्हें अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। इसके साथ ही प्रत्येक गली के लिए सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था बनाई गई है, जिससे काम की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
400 से 500 अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत :
बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने के लिए नगर निगम के अन्य जोनों से भी अतिरिक्त मानवबल बुलाया जाएगा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में करीब 400 से 500 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है। संबंधित एजेंसियों को कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। एलएसए और एलएसजी से भी मानवबल उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर घटने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में सफाई, नालों की डीसिल्टिंग और जलनिकासी के कार्य तेजी से कराए जाएं। स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गंदगी हटाने और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने में किसी तरह की देरी न हो।