वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत करीब 70 हजार शिक्षकों के लिए दिवाली से पहले बड़ी राहत की तैयारी है। करीब 10 वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश बेसिक शिक्षा परिषद ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए हैं। वर्ष 2016 के बाद परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हुई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर से जारी निर्देश के अनुसार सभी जिलों में पदोन्नति के लिए शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। यह सूची तीन सप्ताह के भीतर तैयार कर 23 अक्टूबर तक परिषद कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद नवंबर से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है।
वर्तमान में प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में करीब 3.30 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें लगभग 70 हजार शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना है। व्यवस्था के तहत प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों को प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक अथवा उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति दी जा सकती है। वहीं प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक स्कूलों में 150 विद्यार्थियों पर प्रधानाध्यापक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 100 विद्यार्थियों पर प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत है। ऐसे में पदोन्नति प्रक्रिया के लिए स्वीकृत पदों और शिक्षकों की वरिष्ठता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी।
लंबे समय से पदोन्नति की मांग कर रहे शिक्षक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह और प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजेश श्रीवास्तव ने सरकार के निर्णय पर आभार जताया है।