वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार
लखनऊ। गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक एमएलसी चुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और दावेदार डॉ. संजयन त्रिपाठी ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का एलान किया है। पार्टी की ओर से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद डॉ. संजयन त्रिपाठी ने अपनी कार से भाजपा का झंडा हटा दिया।
कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संबोधन के दौरान डॉ. संजयन त्रिपाठी भावुक भी हो गए। उन्होंने पार्टी के लिए वर्षों तक किए गए अपने कार्यों का उल्लेख करते हुए संगठन में जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच उचित समन्वय नहीं बना पा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी से आने वाले समय में दूसरे लोग भी बगावत का रास्ता अपना सकते हैं।
डॉ. त्रिपाठी ने पार्टी में बाहरी लोगों को महत्व दिए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को टिकट के समय दरकिनार किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने समर्थकों से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव में साथ देने की अपील की।
भाजपा ने आगामी एमएलसी चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की शिक्षक और स्नातक सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है। वाराणसी स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह, मेरठ से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी से अशोक कुमार राठौर को मैदान में उतारा गया है। वहीं वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है।
एमएलसी चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा ने अवध क्षेत्र की बैठक कर बूथ प्रबंधन और मतदाता संपर्क को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की है। टिकट को लेकर डॉ. संजयन त्रिपाठी की बगावत से गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर मुकाबला और रोचक हो गया है।