वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए इसे और सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के कड़े निर्देश दिए। लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर्स के छह थानों और आठ यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर और आरक्षी सहित आवश्यक स्थायी मैनपावर की तैनाती शीघ्र सुनिश्चित की जाए। साथ ही कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने टास्क फोर्स को आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों से लैस करने पर जोर दिया, ताकि अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क पर कार्रवाई सटीक और तेज़ हो सके। प्रस्तावित थानों के न्यायालय आवंटन की प्रक्रिया बिना विलंब पूरी किए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे मामलों की त्वरित सुनवाई और तस्करों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा। एएनटीएफ के थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण की जरूरत पर भी बल दिया गया। बैठक में बताया गया कि 2023 से 2025 के बीच एएनटीएफ द्वारा 310 मुकदमें दर्ज कर 35,313 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए और 883 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है। साथ ही पिछले तीन वर्षों में 2,61,391 किलो अवैध मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 775 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विनष्टीकरण प्रक्रिया नियमित, पारदर्शी और विधि सम्मत तरीके से जारी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध ड्रग्स के विरुद्ध यह संघर्ष केवल कानून व्यवस्था का नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का भी विषय है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, नागरिक संगठन और प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित करें कि नशे की पहुंच युवाओं तक न हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर अवैध ड्रग कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों को यह संदेश स्पष्ट रूप से पहुंचना चाहिए।