वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर मनरेगा योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में निर्मित अमृत सरोवर स्थलों पर संविधान दिवस उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अमृत सरोवर तटों पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए ग्रामीण समुदाय, अमृत सरोवर उपयोगकर्ता समूह, सरकारी अधिकारी–कर्मचारी, महिलाएं और बच्चों ने सामूहिक रूप से भारत के संविधान की प्रस्तावना का सशपथ पाठ किया।
प्रदेश में मिशन अमृत सरोवर योजना के प्रथम चरण के तहत अब तक 19 हजार से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं और इन्हीं स्थलों पर 26 नवंबर को संविधान की उद्देशिका के वाचन का निर्णय पूर्व में लिया गया था। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा–निर्देशों के क्रम में आयुक्त ग्राम्य विकास कार्यालय द्वारा सभी जिलों को आवश्यक मार्गदर्शिका पहले ही प्रेषित कर दी गई थी, जिसके आधार पर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कार्यक्रम आयोजित हुए। ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी और मुख्यालय स्तर पर आयुक्त, ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी के अनुरूप कार्यान्वयन की निगरानी में सरोवर स्थलों पर सुबह से ही विशेष आयोजन आरंभ हो गए थे। आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि जिलों से प्राप्त तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि कार्यक्रम जनभावनाओं और संवैधानिक निष्ठा की वास्तविक अभिव्यक्ति बनकर उभरा। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवरों के तटों पर संविधान की प्रस्तावना का यह पाठ लोकतंत्र, समता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को गांव–गांव में नई ऊर्जा दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चे, महिलाएं और स्थानीय नागरिक पूरी श्रद्धा एवं सजगता के साथ शामिल हुए, जो यह संकेत देता है कि संविधान दिवस अब केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि जन–संवाद और सामूहिक संकल्प का मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस सहभागिता को देखकर सुखद अनुभूति हो रही है, खासकर यह जानते हुए कि युवा और महिला भागीदारी इसमें अग्रणी रही। सरोवरों के तट पर संविधान के पाठन का यह आयोजन जल संरक्षण के संदेश के साथ–साथ संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का भी प्रतीक बना, जिसने प्रदेश के ग्रामीण परिवेश में लोकतांत्रिक चेतना को और सशक्त किया।