वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार
लखनऊ। संविधान दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारतीय संविधान मानव की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च महत्व प्रदान करता है। यह न केवल नागरिकों को अधिकारों के माध्यम से सशक्त बनाता है, बल्कि हमारे मौलिक कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है, जिनका निष्ठापूर्वक पालन समाज और राष्ट्र की मजबूती के लिए आवश्यक है।
उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहित सभी संविधान निर्माताओं को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इन महान विभूतियों ने एक ऐसा संविधान देश को दिया, जिसने लोकतंत्र की नींव को न्याय, बंधुत्व और समता के सिद्धांतों पर खड़ा किया। मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने संविधान की विरासत को कर्तव्य और सेवा आधारित संस्कृति में परिवर्तित करते हुए इसकी मूल भावना को जनजीवन में आत्मसात कराने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में संवैधानिक मूल्य आज सुशासन, पारदर्शिता और व्यापक जनभागीदारी के रूप में विकसित भारत के संकल्प के साथ नए युग की ऊर्जा बनकर उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान दिवस यह प्रण लेने का अवसर है कि हम लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए राष्ट्रनिर्माण में अपनी भागीदारी निरंतर सुनिश्चित करें। यह दिन हमें प्रेरणा देता है कि संवैधानिक आदर्शों को व्यवहार में उतारते हुए हम एक सशक्त, समृद्ध और संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान दें। संविधान के प्रति यह सामूहिक सम्मान ही उत्तर प्रदेश और देश को विकास व सुशासन की बुलंदी तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।